ज़ोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने कंपनी के सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला 21 जनवरी 2026 को कंपनी की बोर्ड मीटिंग के बाद लिया गया। अब ज़ोमैटो की मूल कंपनी इटर्नल लिमिटेड की कमान ब्लिंकिट के अलबिंदर सिंह धिंदसा को सौंपी जा रही है।
हालांकि, दीपिंदर गोयल कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं हो रहे हैं। उन्हें अब इटर्नल लिमिटेड (जिसे पहले ज़ोमैटो लिमिटेड के नाम से जाना जाता था) का उपाध्यक्ष और बोर्ड डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी के बाद प्रभावी होगी और उनका कार्यकाल 5 साल का होगा।
अलबिंदर सिंह धिंदसा नए सीईओ की भूमिका संभालेंगे। वह ब्लिंकिट के संस्थापक और सीईओ हैं और उन्होंने इससे पहले ज़ोमैटो में अंतरराष्ट्रीय विस्तार का प्रभार संभाला था। उन्होंने 2013 में सौरभ के साथ मिलकर ब्लिंकिट की स्थापना की थी। अब वह ज़ोमैटो और ब्लिंकिट दोनों की रणनीति और उत्पाद विकास की जिम्मेदारी देखेंगे।
बता दें कि इस बड़े बदलाव की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब कंपनी के तिमाही नतीजे अच्छे रहे हैं। तीसरी तिमाही के नतीजों में कंपनी का मुनाफा बढ़कर 102 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 73% ज्यादा है। कंपनी को क्विक कॉमर्स (तुरंत डिलीवरी) सेवाओं की बढ़ती मांग का फायदा मिला है।
दीपिंदर गोयल ने 2008 में ज़ोमैटो (तब फूडीबे) की शुरुआत की थी। इससे पहले वह बैन एंड कंपनी में काम करते थे। ज़ोमैटो की स्थापना के 17 साल बाद अब पहली बार कंपनी की कमान किसी प्रोफेशनल (अलबिंदर सिंह) को सौंपी जा रही है, जबकि संस्थापक एक अलग भूमिका में नजर आएंगे।
