एक यूट्यूब वीडियो ने स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (एसएससी) को बड़े विवाद में डाल दिया है। एजुक्विटी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड ने यूट्यूबर नितीश राजपूत पर 2.5 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर कर दिया है। राजपूत ने अपने वीडियो में एसएससी परीक्षाओं में पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे।
नितीश राजपूत ने आरटीआई के जरिए मिली जानकारी और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर अपना वीडियो बनाया था। इसमें उन्होंने एसएससी की टेंडर प्रक्रिया और निजी कंपनियों के चयन पर चिंता जताई। उनके अनुसार, परीक्षा प्रबंधन में कमियां उम्मीदवारों के लिए समस्याएं पैदा करती हैं।
एसएससी विवाद को देखते हुए यूपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवार भी चिंता में हैं। कई छात्र संगठनों का कहना है कि इन परीक्षाओं में लगातार तकनीकी गड़बड़ियां और नियमों में बदलाव होते रहते हैं। उनका आरोप है कि इससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित होती है।
एजुक्विटी टेक्नोलॉजीज का कहना है कि नितीश राजपूत के वीडियो में भ्रामक जानकारी शामिल है। कंपनी का दावा है कि इससे उनके व्यवसाय और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। नितीश राजपूत ने वीडियो हटाने से इनकार करते हुए कहा कि यह जनहित से जुड़ा विषय है।
नितीश राजपूत एक जाने-माने शिक्षक और यूट्यूब क्रिएटर हैं। वह सरकारी नीतियों और परीक्षा प्रणालियों पर शोधपूर्ण वीडियो बनाते हैं। इस एसएससी विवाद के बाद उनकी पहचान देशभर में फैल गई है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ परीक्षा सुधारों पर बड़ी बहस छेड़ देगा। दिल्ली की अदालत में इस मामले की सुनवाई जारी है। उम्मीदवारों की नजरें अब इस फैसले पर टिकी हैं जो भविष्य के लिए मिसाल बनेगा।
