दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान में हुए हमले को 36 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन ओमानी को-पायलट की पहचान अब भी रहस्य बनी हुई है। भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार पर कॉकपिट में हुए इस हमले की असल वजह और इस्तेमाल हुए हथियार को लेकर भी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
घटना बुधवार सुबह की है जब फ्लाइट FZ1073 दुबई से रवाना हुई। उड़ान के करीब दो घंटे बाद विमान अचानक 17,400 फीट नीचे आ गया और उत्तर दिशा में मुड़ गया। सुबह 8:31 बजे डिस्ट्रेस कॉल आया और कुछ ही मिनटों में हाईजैक कोड 7500 भेजा गया। कैप्टन स्मित मछार ने हमलावर को-पायलट को काबू में कर विमान को सुरक्षित लैंड कराया।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि संदिग्ध ओमान का नागरिक है। उससे सऊदी अरब में पूछताछ चल रही है और जल्द ही उसे यूएई भेज दिया जाएगा। इजरायल और यूएई मिलकर जांच कर सकते हैं। गौर करने वाली बात है कि ओमान और इजरायल के बीच कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, फिर भी ओमानी पायलट को इजरायल की उड़ान की मंजूरी कैसे मिली, यह सवाल बना हुआ है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आशंका जताई है कि हमलावर को-पायलट का संबंध ईरान से हो सकता है। उन्होंने कहा कि जो जानकारी मिल रही है, उसके आधार पर जवाब हां लगता है, लेकिन जांच जारी है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को कड़ी चोट पहुंचाई जाएगी।
इस बीच जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि को-पायलट के खतरनाक मंसूबों के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं। उसकी पहचान छिपाए रखने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। क्या उसके तार किसी आतंकी संगठन से जुड़े हैं या यह किसी खुफिया ऑपरेशन का हिस्सा था, इन तमाम पहलुओं पर पड़ताल चल रही है।
