चुनाव आयोग को लेकर देश की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त गर्मी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी सीडब्ल्यूसी की बैठक में बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि 2024 का लोकसभा चुनाव पूरी तरह फर्जी था। राहुल ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी और गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है।
राहुल गांधी ने सीडब्ल्यूसी की बैठक में कहा कि 2024 के चुनाव में पहले ईवीएम में हेरफेर की गई। फिर वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी के जरिए मैच फिक्सिंग को और बढ़ाया गया। उनके मुताबिक 2014 और 2019 के चुनावों में भी कुछ हद तक फ्रॉड हुआ था, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर उन्हें किसी तरह का शक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सांसद ही कथित तौर पर फर्जी तरीके से चुने गए हैं, तो संसद में पास किए गए कानूनों पर भी सवाल खड़ा होता है।
कांग्रेस की सीडब्ल्यूसी ने बैठक में प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की गई। पार्टी ने एसआईआर को तुरंत रोकने की मांग की है। साथ ही हटाए गए 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम फिर से बहाल करने की भी मांग रखी गई है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर दूसरे विपक्षी दलों को साथ लेकर आगे बढ़ेगी और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेगी।
उधर बीजेपी की तरफ से पलटवार करते हुए राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों में बीजेपी की सरकारें नहीं हैं। तो क्या कांग्रेस वहां भी चुनाव आयोग की गतिविधियों पर सवाल उठा रही है या उसे क्लीन चिट दे रही है।
स्मृति ईरानी ने 13.30 करोड़ नामों को लेकर भी कांग्रेस से सवाल किया। उन्होंने कहा कि अगर वोटर लिस्ट में किसी मृत व्यक्ति का नाम है या कोई नाम दो बार दर्ज है, तो कांग्रेस ऐसे नामों को बनाए रखने की मांग क्यों कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग पहले ही साफ कर चुका है कि एसआईआर के तहत जिन लोगों को नोटिस मिलेगा, उनके घर जाकर दस्तावेज जुटाए जाएंगे और खुद पुष्टि की जाएगी।
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के लाहौर कांग्रेस सेशन के संदर्भ पर भी पलटवार किया। उन्होंने एलन ऑक्टेवियन ह्यूम और ब्रिटिश शासन से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। यानी उन्होंने कांग्रेस के पुराने इतिहास की बात उठाकर पार्टी को घेरने की कोशिश की।
चुनाव आयोग को लेकर चल रहा विवाद अब सीधे कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव में बदलता दिख रहा है। एक तरफ राहुल गांधी चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोप लगाकर चुनाव आयोग पर हमलावर हैं। दूसरी तरफ स्मृति ईरानी का कहना है कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है। राहुल गांधी के आरोपों के जवाब में स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के पुराने इतिहास से लेकर वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग पर उसके रुख तक कई सवाल उठाए हैं।
