दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में तीन मंजिला बिल्डिंग गिर गई है। माना जा रहा है कि यहां दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र रहते थे। सत्य निकेतन हादसा पर बोलीं DU साउथ कैंपस डायरेक्टर प्रोफेसर राजनी अब्बी, जिन्होंने बताया कि फिलहाल मलबे के अंदर कितने बच्चे मौजूद हैं, यह पता लगाना संभव नहीं हो पाया है।
बचाव दल अब भी मलबे के अंदर से छात्रों को बाहर निकालने की कोशिश में जुटे हैं। प्रोफेसर अब्बी ने कहा कि प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता अंदर फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना है। दमकल की कई गाड़ियां और पुलिस कर्मी मौके पर मौजूद हैं।
हादसा करीब 1 बजकर 30 मिनट पर हुआ था। राहत अभियान के दौरान मलबे के अंदर से एक फोन कॉल और वीडियो कॉल की जानकारी मिली है। इससे संकेत मिलता है कि अंदर और लोग हो सकते हैं, लेकिन अभी उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबंधित कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि वे जानकारी एकत्र करें कि कॉलेजों के कितने छात्र इस परिसर में रह रहे थे। साथ ही छात्रों को वापस अपने कॉलेजों में लौटने के लिए कहा गया है ताकि लापता छात्रों की पहचान हो सके।
