पाकिस्तान के कराची के ल्यारी में तीन लोग गोलियों से घायल हुए हैं। तीन घायलों में से एक की पहचान ज़ुबैर बलोच के रूप में की जा रही है। ज़ुबैर बलोच के भाई उज़ैर बलोच को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी।
गुरुवार शाम कुख्यात गैंग लीडर उज़ैर बलोच के भाई ज़ुबैर बलोच को ल्यारी के मिर्ज़ा आदम खान रोड पर हुई गोलीबारी में ग़ायब कर दिया। पुलिस ने बताया कि ज़ुबैर की हालत गंभीर है। सायद असद रज़ा ने पुष्टि की कि मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने अपने चेहरे ढके हुए थे।
हमलावरों ने एक दुकानदार के जवाबी हमले के बाद भाग गए। ज़ुबैर उज़ैर बलोच का भाई था। वह प्रतिबंधित पीपल्स अमन कमेटी के प्रमुख थे। उसकी पहचान की अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि करने वाले पुलिस अधिकारी ने कहा।
इस घटना को देखकर कई लोग ने भारत की फ़िल्म ‘धुरंदर’ के संदर्भ में कहा। फ़िल्म में दानिश पंडोर ने उज़ैर बलोच का किरदार निभाया था। धुरंधर में भावनात्मक और साहसिक संग्राम को दिखाया गया था।
कराची के ल्यारी गैंगवार की पिछली कहानी भारत में भी ज़्यादा प्रसिद्ध है। उज़ैर बलोच के बीच में पारंपरिक और नयी प्रगतियों के बीच के संघर्ष को दिखाया गया था।
इसे लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के समय एक अहसास भी उठाया गया। ‘धुरंधर’ एक्ट्रेस ने कहा कि वह इस कहानी को याद कर रही हैं। फिल्म में एक मंदिर के गद्दा पर हुए हिंसक घटनाओं को दिखाया गया था।
अन्य समय की ख़बरों में मोटर साइकिल पर सवार हमलावरों का खुलासा भी हुआ। सम्बंधित सूक्ष्म जानकारी के अनुसार, विकल्प के तौर पर एक दुकानदार के साथ जुड़ा होगा।
पाकिस्तान के अखबार ‘डॉन’ के अनुसार, हमलावरों ने भागने के बाद वापसी का प्रयास किया। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि ज़ुबैर अपने घर के बाहर थे। वहाँ की घटना के बाद से पक्का पूछ उतरा है।
आज सरकार के प्रमुख ने इस घटना के बारे में एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि संभवतः भारत की किसी तरह की सरकारी सेवा के बीच में होगा।
दूसरी ख़बरों में एक अन्य खुलासा भी आया है। एक अफ़सर के भाई के सवाल पर उत्तर में आया है कि विकल्प के तौर पर एक सामान्य नागरिक हो सकता है।
अंत में, पाकिस्तान के ख़बरों में एक अहसास भी उठाया गया है कि इस तरह की घटनाएँ न केवल प्रतिरोध के बल पर बल हैं, बल्कि भविष्य की भारतीय संबंधों पर भी प्रभाव डाल सकती हैं।
