सीजेएप के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि केंद्र सरकार ने छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर zurück ले लेगी। उन्होंने कहा कि यह आश्वासन लिखित रूप में दिया गया था और इसका आखिरी दिन कल है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने भरोसा दिया था कि कोई नया केस नहीं बनेगा और जो केस पहले दर्ज हुए हैं उन्हें वापस लिया जाएगा।
दास ने बताया कि बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत कई बीजेपी शासित राज्यों में अभी भी छात्रों पर कड़ी कार्रवाई हो रही है। उन राज्यों में पाँच सौ से अधिक एफआईआर दर्ज की गई है और कड़ी धाराएँ लगाई गई हैं।
वहीं, सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को लेकर की गई मजाकभरी पोस्ट को हटाने का मामला भी सामने आया है। दास ने सवाल किया कि क्या मज़ाक या बयान आपत्तिजनक हो सकता है और क्यों उसे हटाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में इस तरह की आलोचना का हिस्सा है। अगर पुलिस को इतना अधिकार दे दिया जाता है तो वह इसे सेंसरशिप का हथियार बना लेगी।”
दास ने सरकार से कहा कि वह अपने वादे को निभाए, न कि छात्रों को एफआईआर में फँसाकर या इंटरनेट को सेंसर करके।
वह बोले, “हमारा लिखा हुआ आश्वासन सिर्फ हमारी पार्टी के लिए नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए है जिन्होंने सड़कों पर प्रदर्शन किया।”
अगर सरकार अपना वादा नहीं निभाती, तो युवाओं को फिर से सड़कों पर उतरना पड़ सकता है।
अभी सिर्फ लिखित गारंटी का इंतज़ार है, जो कल तक मिलने की उम्मीद है।
