राहुल शर्मा
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन दिल्ली पुलिस के बीच संसद के करीब पहुंच गया, बैरिकेडिंग की गई। 20 जुलाई 2026 को सुबह से शाम तक जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में हड़ताल लगी, जब तक प्रदर्शनकारियों ने संसद के पास होने वाले रेल भवन तक नहीं पहुंचा। इस दौरान पुलिस ने आंसू गैस, बारिकेड व टायर गैस का इस्तेमाल करके प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। CJP के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने भूख हड़ताल खत्म कर दी है, जबकि पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि सरकार ने बातचीत के लिए उन्हें जेपी नड्डा से मिलने का अवसर दिया है।

प्रदर्शनकारियों के संसद के पास पहुंचने के बाद ही पुलिस ने हाई-एलर्ट पर टायर गैस का इस्तेमाल किया। वहीं, विजय चौक, रायसीना रोड और संसद के आसपास CRPF, पैरामिलिट्री फोर्स और संसद सुरक्षा बल की भारी तैनाती की गई। संसद परिसर को सुरक्षा के कारण किले जैसा बना दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने मेट्रो से पैदल मार्शल किया, जबकि उन्हें रेल भवन तक जाने में झंझट होती रही। बैरिकेडिंग से पहले तक प्रदर्शनकारियों ने संसद के मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंचने की कोशिश की थी।

शाम में राजसी नड्डा से मिलने जा रहे CJP प्रतिनिधियों ने सरकार के साथ बातचीत की शुरुआत की है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “हमारी मांगें स्पष्ट हैं और सरकार बातचीत के लिए तैयार हो गई है।” वहीं, CJP के संसद मार्च को समर्थन में आम आदमी पार्टी के अतिशी, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह ने प्रदर्शनकारियों का साथ दिया।

आंदोलन की मुख्य मांगों में NEET परीक्षा में पेपर लीक, बेरोजगारी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल है। प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिहाज से थ्री-टियर सुरक्षा ग्रिड लगाया गया है, जहां पुलिस की दो परतें और पैरामिलिट्री फोर्स की एक परत शामिल है। DCP सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा, “कोई अनधिकृत मार्च या जुलूस के लिए अनुमति नहीं है।” भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पुरानी धारा 144) लागू करके पांच या उससे ज्यादा व्यक्तियों के जमा होन पर पूर्ण प्रतिबंध रखा गया है।

आंदोलन के दौरान 20 हजार से अधिक लोगों ने जंतर-मंतर पर शामिल होने का दावा किया गया है। वहीं, AISA के तीन छात्रों ने आमरण अनशन खत्म करने का ऐलान किया, जिनके साथ ढाई दिन बाद अभिजीत दिपके ने अपना अनशन खत्म कर दिया। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने हाई कोर्ट के सामने अपील की है, जहां उन्होंने अपने पति के अस्पताल ट्रांसफर व अनशन खत्म करने की शर्तें रखी हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए गए थे, जबकि विजय चौक और सेंट्रल सेक्रेटेट्रिकेट मेट्रो स्टेशनों के गेट फिर से खुल गए। दिल्ली पुलिस ने आपात स्थितियों के लिए 24 घंटे रैपिड रिस्पॉन्स टीमों की तैनाती कराई है। CJP प्रदर्शनकारियों का किराया विरोधी नारों से भरा हो गया था, जबकि आम आदमी पार्टी के नेता भी उनका समर्थन दिया।

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