सोने की कीमतों में फिर रिकॉर्ड तोड़ उछाल: US-EU ट्रेड वॉर से डॉलर हुआ कमजोर, 1.54 लाख के पार गया 10 ग्राम का भाव

राहुल शर्मा
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सोने की कीमतों में एक बार फिर जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। बुधवार के कारोबारी सत्र में देश की वायदा बाजार (MCX) में सोना 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया। अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के बीच बढ़ते व्यापार तनाव और डॉलर में कमजोरी के चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर सोने की खरीदारी तेज कर दी है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना बुधवार सुबह 4,100 रुपये से ज्यादा यानी करीब 3 फीसदी की तेजी के साथ 1,54,710 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। इसी तरह चांदी में भी खरीदारी दिखी और मार्च डिलीवरी वाली चांदी 2,800 रुपये से अधिक चढ़कर 3,26,487 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की चमक बढ़ी है। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में करीब 2 फीसदी की तेजी आई और भाव 4,847.20 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर पहुंच गया। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ग्रीनलैंड को लेकर रुख और यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी ने बाजार में बेचैनी बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने 1 फरवरी से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी जैसे देशों पर 10 फीसदी का टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जिसे बाद में बढ़ाकर 25 फीसदी किया जा सकता है। इससे यूरोपीय देश भी जवाबी कार्रवाई की तैयारी में हैं।

इस व्यापार युद्ध के डर ने निवेशकों को शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे एसेट्स से पैसा निकालकर सोने में लगा दिया है। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में गिरावट और भारतीय रुपये में कमजोरी भी सोने की कीमतों को समर्थन दे रही है। पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन ने बताया कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और जापानी बाजार से मिल रहे नकारात्मक संकेतों ने भी सोने को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल बाजार में काफी उतार-चढ़ाव है और निवेशकों को गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए।

बाजार जानकारों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के लिए 4,810 और 4,855 डॉलर प्रति ट्रॉय ओंज की प्रमुख रेजिस्टेंस (बाधा) है, जबकि भारत में MCX पर भाव 1,55,000 रुपये तक जा सकता है। वहीं, चांदी के लिए 3,30,000 और 3,38,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक का लक्ष्य देखा जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव को देखते हुए अभी शॉर्ट सेलिंग से बचना चाहिए।

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