अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने वनडे विश्व कप और टी20 विश्व कप के फॉर्मेट में बड़े बदलाव कर दिए हैं। इन बदलावों के तहत वनडे विश्व कप में पहले से भिन्न ‘सुपर सीरीज’ और ‘सुपर-7’ चरण होंगे, जबकि टी20 विश्व कप में ‘सुपर-10’ और एलिमिनेटर मुकाबले खेले जाएंगे। ICC ने इन फैसलों को एडिनबर्ग में हुई अपनी वार्षिक बैठक में मंजूरी दे दी है।
ICC के मुताबिक, नया फॉर्मेट टूर्नामेंट के हर मुकाबले को अधिक प्रतिस्पर्धी और रोमांचक बनाएगा। वनडे विश्व कप में 14 टीमों को पहले से भिन्न तीन चरणों में विभाजित किया जाएगा। पहले चरण में रैंकिंग में 12वें, 13वें और 14वें स्थान रखने वाली टीमों के बीच ‘सुपर सीरीज’ खेली जाएगी। इसके बाद 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा, जिनमें से शीर्ष टीमें सुपर-7 चरण में पहुंचेंगी। सुपर-7 में 7 टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबले खेलेंगी और शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी।
टी20 विश्व कप में भी फॉर्मेट में बदलाव आए हैं। पहले चार ग्रुप में 5-5 टीमें थीं, अब पांच ग्रुप में 4-4 टीमें होंगी। ग्रुप चरण के बाद सुपर-10 में 10 टीमें खेलेंगी, जिनमें से शीर्ष 6 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। एक ग्रुप की दूसरी टीम दूसरे ग्रुप की तीसरी टीम से एलिमिनेटर खेलेगी। इससे उभरती टीमों को भी बड़े मंच पर प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा।
ICC ने 2028 टी20 विश्व कप के क्वालिफिकेशन सिस्टम को भी तय किया है। 2026 वर्ल्ड कप में खेलने वाली टीमों में से वह टीमें जो स्वयं क्वालिफाई नहीं करेंगी, वे ग्लोबल क्वालिफायर में सीधे प्रवेश करेंगी। इसके अलावा, अफ्रीका, एशिया और यूरोप से दो-दो टीमें, जबके अमेरिका और ईस्ट एशिया से एक-एक टीम ग्लोबल क्वालिफायर में पहुंचेगी।
एसोसिएट सदस्य देशों के लिए 16 टीमों वाला नया वैश्विक टी20 टूर्नामेंट भी शुरू होगा। इसका उद्देश्य उन्हें विश्व कप जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर खेलने का अवसर देना है। हालांकि, इस टूर्नामेंट को अंतिम मंजूरी नवंबर में होने वाली ICC की वित्त समिति की समीक्षा के बाद ही मिलेगी।
ICC के इन फैसलों का उद्देश्य वैश्विक क्रिकेट को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है। नए फॉर्मेट से हर मैच का महत्व बढ़ेगा और उभरती टीमों को भी बड़े मंच पर प्रदर्शन करने का समय मिलेगा।
