इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने एक अजीब योजना बनाई थी, जिसमें ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद को अपना एजेंट बनाने की कोशिश की गई।
मोसाद ने यह योजना 2024 में शुरू की थी और अहमदीनेजाद को ईरान का भविष्य का नेता बनाना चाहते थे।
एक अमेरिकी अधिकारी ने बुडापेस्ट की एक यूनिवर्सिटी में कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने का सुझाव दिया, ताकि अहमदीनेजाद इजरायल के खुफिया एजेंटों से गुप्त बातचीत कर सके।
मोसाद चीफ और अहमदीनेजाद की मुलाकात 2024 में हुई थी, और बाद में दोबारा 2025 में भी यात्रा हुई।
इजरायल ने अहमदीनेजाद को गुप्त रूप से पैसे दिए और कई बार उनसे विदेश में मुलाकात की, जिसमें बुडापेस्ट की यात्रा भी शामिल थी।
हालांकि यह योजना फरवरी के आखिर में इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद नाकाम हो गई।
हमले में अहमदीनेजाद के निवास स्थान पर हवाई हमला हुआ, और उनकी बॉडीगार्ड्स की गाड़ी को निशाना बनाया गया।
हमले के बाद एक काली प्यूज़ो कार में अहमदीनेजाद को ले जाया गया और वह एक गुप्त सुरक्षित ठिकाने तक पहुँचा।
अहमदीनेजाद को इजरायली खुफिया एजेंटों द्वारा हिरासत में लिया गया, और वह फिलहाल नज़रबंद है।
इजरायल और मोसाद ने इस मामले पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।
