ईरान ने छह अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया, और ट्रंप ने तीन रातों में तीन सौ लक्ष्य नष्ट किए।
ईरान अमेरिका टकराव के इस टली में दोनों पक्षों ने भारी हानि पहुँचाई।
ईरान ने जॉर्डन, बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान समेत कई ठिकानों पर मिसाइलें दागीं।
अमेरिका ने जवाब में ईरानी मिसाइल साइट्स, ड्रोन बेस, नौसैनिक सुविधाएं, गोला बारूद स्टोर और संचार नेटवर्क पर हमला किया।
जॉर्डन के मुवाफ़िक सल्ती एयर बेस पर हमला हुआ, जहाँ अमेरिकी एफ़‑35 विमान तैनात थे।
ईरान का दावा है कि उसने प्रिंस हसन एयर बेस पर कमांड सेंटर और एमक्यू‑9 ड्रोन हैंगरों को नष्ट किया।
बहरीन में धुआं उठता दिखा, जो ईरानी हमले की पुष्टि करता है।
ओमान में पेंटागन रिफ्यूलिंग स्टेशन पर भी हमला हुआ, जिसे ईरान ने तीसरे अमेरिकी हमले का जवाब कहा।
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की घोषणा की है, कहता है कि तब तक यह खुला नहीं रहेगा जब तक ईरानी व्यवस्था नहीं बने।
अमेरिका का कहना है कि वह नागरिक जहाजों की आजादी सुनिश्चित करने के लिए ईरान की क्षमता घटा रहा है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने गलत चुनाव किया और अब कीमत चुकानी पड़ेगी।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
ईरान के नए नेता मोज़ता खामेनी ने पिता की हत्या का बदला लेने की शपथ ली है।
जॉर्डन, बहरीन, कुवैत, यूएई और कतर में अमेरिकी बेस होने से ये देश भी लक्ष्य बन सकते हैं।
तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो रहा है।
विश experts का मानना है कि दोनों पक्ष पूर्ण युद्ध नहीं चाहते, लेकिन गलतफहमी से बड़ा टकराव हो सकता है।
स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और होर्मुज का भविष्य अनिश्चित है।
