राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नया खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि मंदिर से चुराए गए पैसे लेकर आरोपी अयोध्या-लखनऊ हाइवे के पास 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के एक सुनसान इलाके में जुटते थे।
यही वह ठिकाना था, जहां वे चोरी की रकम का बंटवारा करते थे और आगे की योजना बनाते थे। मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू और दूसरे साथी पहले इस जगह पर मिलते थे। बाद में टिन्नू का भतीजा भी इन बैठकों में शामिल होने लगा।
पुलिस ने अविनाश को रिमांड के दौरान सबसे पहले कौशलपुरी स्थित श्याम साधना योग केंद्र ले जाकर दस्तावेज़ तलाशे। फिर पुलिस उसे सीधे 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के उस सुनसान इलाके में ले गई, जहां उन्होंने चोरी के पैसे की गिनती की थी।
जांच अधिकारियों ने यहां के तौर-तरीकों को समझने की कोशिश की। उन्होंने देखा कि आरोपी वहां कैसे आते थे, कितनी देर रुकते थे और पैसे बाँटने का तरीका क्या था। अविनाश ने बताया कि अधिकतर रकम बराबर-बराबर बाँटी जाती थी, लेकिन कई बार कुछ लोगों को ज़्यादा हिस्सा भी मिलता था। टिन्नू का पूरे नेटवर्क में दबदबा था और उसकी बात सबसे ज़्यादा मानी जाती थी।
सीसीटीवी फुटेज के बारे में आरोपियों को पूरा यकीन था कि वे उसके झूठे सबूत नहीं बन सकते। रमाशंकर उर्फ टिन्नू अक्सर दूसरों से कहता था कि ‘कुछ नहीं होगा… सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर देंगे।’ सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने कई बार कंट्रोल रूम पहुँचकर सीसीटीवी सिस्टम को छेड़ा और एक-दो मौकों पर फुटेज डिलीट भी किया।
हालाँकि, पुलिस का कहना है कि जांच के लिए ज़रूरी कई अहम फुटेज सुरक्षित मिल गए हैं और वही अब पूरे मामले की सबसे मज़बूत कड़ी बन रहे हैं। पुलिस ने अविनाश को लगभग 45 दिनों की सीसीटीवी फुटेज दिखाई, जिसमें खुद को चोरी करते देख वह ज़्यादा देर तक इनकार नहीं कर सका और चोरी की बात स्वीकार कर ली।
पैसे के इस्तेमाल के बारे में अविनाश ने बताया कि चोरी की रकम सिर्फ खर्च नहीं की गई, बल्कि उससे संपत्तियाँ भी बनाई गईं। उसने इस पैसे से एक ब्रेजा कार खरीदी, जो उसके भाई के नाम पर थी, क्योंकि भाई शिक्षक है और उसे लगता था कि इससे किसी को शक नहीं होगा। गाँव में घर बनवाने और भाई को बड़ी रकम देने की बात भी पूछताछ में सामने आई।
पुलिस ने रिमांड के दौरान आरोपी के निशाने पर वह कार भी बरामद कर ली। अब पुलिस धीरे-धीरे हर कड़ी को जोड़ रही है। योग केंद्र से लेकर ब्रेजा कार तक, सीसीटीवी फुटेज से लेकर 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के उस सुनसान ठिकाने तक, हर जगह अब इस जांच की कहानी का हिस्सा बन चुकी है।
जेल में बंद अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, करुणेश पांडे और मनीष यादव से अदालत की मंजूरी के बाद पूछताछ होने वाली है। जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ रही है, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की नई-नई परतें सामने आ रही हैं।
यह पूरा मामला राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की गंभीरता को दिखाता है और पुलिस की जांच के हर नए पहलू से सच्चाई और साफ होती जा रही है।
