भारत सरकार ने देश विरोधी गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है. गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान में छिपे 23 आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित किया है. इस कार्रवाई को सरकार ने भारत की सर्जिकल स्ट्राइक 3.0 बताया है.
UAPA की चौथी अनुसूची में इन 23 नामों को सीरियल नंबर 58 से 80 तक शामिल किया गया है. मंत्रालय का कहना है कि इनमें से ज्यादातर आतंकी जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैं और पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में रह रहे हैं. यह UAPA आतंकवादी घोषणा 23 आतंकी की बड़ी कार्रवाई है.
इनमें मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान और हाफिज अब्दुल शकूर जैसे नाम शामिल हैं. इन्हें 2016 में नगरोटा स्थित भारतीय सेना शिविर पर हुए हमले और 2022 में जम्मू के सुंजवां में सुरक्षा बलों पर हुए हमले से जोड़ा जाता है.
लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े अब्दुल रऊफ और हाफिज खालिद वलीद को हाफिज मोहम्मद सईद के करीबी सहयोगी बताया जाता है. एक और चौंकाने वाला नाम है मोहम्मद शहीद फैसल उर्फ उस्ताद उर्फ जाकिर. गजट के मुताबिक उसका स्थायी पता बेंगलुरु, कर्नाटक का है, लेकिन वह अभी पाकिस्तान के रावलपिंडी में रह रहा है.
शाहिद फैसल पर लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा और आईएसआईएस से जुड़े मॉड्यूल के साथ रिश्ता रखने का आरोप है. उस पर सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भर्ती करने, उन्हें हथियारों की ट्रेनिंग दिलवाने और आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा जुटाने का भी इल्जाम है.
गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, केंद्र सरकार का मानना है कि संबंधित व्यक्ति आतंकवाद में शामिल है. इसी आधार पर UAPA की धारा 35 के तहत उसका नाम कानून की चौथी अनुसूची में जोड़ा गया है. इस सूची में शामिल होने के बाद इन आतंकियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता आसान हो जाता है. यह अधिसूचना गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव राकेश रathi ने जारी की है.
आतंकवाद के खिलाफ यह कदम सुरक्षा हालात को मजबूत करने और आम लोगों को सुरक्षित महसूस कराने के उद्देश्य से उठाया गया है. सरकार का कहना है कि उसने आतंक के नेटवर्क को तोड़ने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं. भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी.
