बेंगलुरु के कैपजेमिनी कैंपस में चल रहे डे-केयर सेंटर में बच्चों के साथ हुई बदसलूकी के मामले में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी कर ली है। एचएएल थाने की टीम ने विजयलक्ष्मी नाम की महिला को पकड़ा है जो वायरल वीडियो में मासूमों को प्रताड़ित करती दिख रही थी। इस मामले में कुल पांच महिला कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने बाकी तीन आरोपियों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन वे गुरुवार को हाजिर नहीं हुए।
पूरा मामला तब खुला जब व्हाट्सएप पर कुछ वीडियो वायरल हुए और चाइल्ड हेल्पलाइन तक पहुंचे। इन वीडियो में दो से तीन साल के बच्चे रोते-बिलखते दिख रहे थे और उनके साथ मारपीट हो रही थी। शिकायत के मुताबिक रोने पर बच्चों को धमकाया जाता था। आरोप है कि किसी को वॉशिंग मशीन के अंदर बिठाया गया तो किसी को वेस्टर्न टॉयलेट में। टॉयलेट के जेट स्प्रे से मुंह में पानी डालने और बाथरूम में बंद करके चुप रहने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर सीमंत कुमार सिंह ने साफ कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। शिकायत मिलते ही तुरंत केस दर्ज कर लिया गया था। पुलिस अब शहर के बाकी डे-केयर सेंटर्स की भी जांच कर रही है कि वे नियम मान रहे हैं या नहीं। इसके लिए संबंधित विभाग से सभी डे-केयर यूनिट्स की लिस्ट मांगी गई है। डिप्टी कमिश्नर रैंक की एक महिला अधिकारी को इस केस की जांच सौंपी गई है। वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल जारी है।
कैपजेमिनी ने एहतियातन अपने बेंगलुरु कैंपस का डे-केयर सेंटर अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है। कंपनी का कहना है कि वह जांच में पुलिस का पूरा सहयोग कर रही है। उधर कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियांक खड़गे ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस नीति है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। बेंगलुरु डे-केयर गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश तेज कर रही है।
