मॉनसून से पहले किए गए उपाअयों ने खोल दिया BMC की पोल, तीन दिन में 5 लोगों की मौत

राहुल शर्मा
2 Min Read
Rate this post

मुंबई में मॉनसून की बारिश के साथ ही शहर में हुए कई हादसों ने बीईसीमी (BMC) की लापरवाही को खोल दिया है। तीन दिन में पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें बच्चे को भी शामिल है। इन आतंकदेहों के बाद मुंबैवासियों के साथ-साथ नगरपालिका पर गं serious सवाल उठे हैं।

पहला हादसा गुरुवार को साकिनाका इलाके में हुआ। खैरानी रोड पर एक खुले मैनहोल में गिरने से 60 वर्षीय असलम शेख की मौत हो ऌी। CCTV वीडियो में दिखाई देती है कि वह मोबाइल पर बात कर रहे थे और ध्यान नहीं दिया कि मैनहोल खुला है। उनका संतुलन बिगड़ा और वे तेज बहाव में चले गए। बीईसीमी अधिकारियों ने मामले में सस्पेंड कर्मचारियों को भी शशपति दिया है।

एक दिन पहले ही 17 वर्षीय आलिया का मौत एक और दुर्भरणशील बारिश वाले मामले में हुआ। मुंब्र्रा में उसे करंड की चपेट में आ लिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में भी स्थानीय नगरसेवक मुंब्र ने बिजली सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।

30 जून को चेंबूर में एक स्कूल बस पर पड़ा पुराना पेड़, जिससे 11 वर्षीय छात्र विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई। बीईसीमी के मुताबिक पेड़ की जड़ें कमज़ोर हो गई थीं, जिसका दोष सीमेंट कंक्रीत और ड्रेनेज के काम में माना गया। मेयर रितु तावड़े ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है।

24 जून को एक बीईसीमी सुपरवाइजर नाले में गिरने से गंभीर चोटिं। इस वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसे लेकर विपक्ष ने बीईसीमी को आड़े हाथों लिया। मेयर ने मैनहोल और नालों के खुले होने पर सतर्क किया है।

इन सभी हादसों के बाद मुंबई में रहने वाले अब सवेरे तक अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बीईसीमी के अधिकारियों के खिलाफ सरगर्मी से गुस्सा व्यक्त किया है। जब तक सच्चाई नहीं निकलेगी और जवाबदेही नहीं होगी, तब तक ये मौसम मुंबईवासियों के लिए एक नया खतरा बनकर रहेगा।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *