पिछले सत्र में हल्की बढ़त के बाद मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली। बेंचमार्क निफ्टी 50 में 200 अंकों से ज्यादा यानी करीब 0.82% की गिरावट आई, जबकि सेंसेक्स भी 600 से अधिक अंक लुढ़ककर 82,600 के स्तर पर आ गया। बाजार पर दबाव के पीछे कई बड़े कारण जिम्मेदार हैं। चलिए, आसान भाषा में समझते हैं कि शेयर बाजार की इस गिरावट की 5 बड़ी वजहें क्या हैं।
रुपये की कमजोरी
बाजार की गिरावट की सबसे बड़ी वजह रुपये में लगातार जारी कमजोरी है। आज रुपया एक डॉलर के मुकाबले 91 के संवेदनशील स्तर को भी तोड़ता हुआ नजर आया। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है और शेयर बाजार पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है।
FII की लगातार बिकवाली
रुपये की गिरावट के साथ ही विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भी खरीदारी करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। आज के कारोबार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की तरफ से बाजार में लगातार बिकवाली जारी रही, जिसने बाजार की धारणा को और कमजोर कर दिया।
अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर अनिश्चितता
बाजार में एक बड़ी चिंता अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील को लेकर है। हालांकि इस डील के जल्द ही होने के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस और अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है। इस अनिश्चितता और लगातार हो रही देरी ने निवेशकों को फूंक-फूंककर कदम रखने पर मजबूर कर दिया है।
ग्लोबल स्तर पर ‘रिस्क-ऑफ’ सेंटीमेंट
शेयर बाजार पर दबाव की एक और बड़ी वजह वैश्विक बाजारों में चल रहा ‘रिस्क-ऑफ’ मूड है। इसका मतलब है कि निवेशक इस समय शेयर जैसे जोखिम वाले एसेट्स से पैसा निकालकर सुरक्षित माने जाने वाले निवेश (जैसे सोना) की ओर रुख कर रहे हैं। दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव और नए व्यापार अवरोधों ने इस डर को और बढ़ा दिया है।
अमेरिका-यूरोपीय संघ के बीच टैरिफ विवाद
अंत में, मैक्रो इकोनॉमिक माहौल भी दबाव में है। अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के बीच व्यापार तनाव बढ़ गया है। ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा यूरोपीय देशों पर 10 से 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी ने व्यापार युद्ध की आशंकाओं को हवा दी है, जिसका असर ग्लोबल मार्केट पर पड़ रहा है।
