HDFC बैंक ने वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। देश के सबसे बड़े निजी बैंक का शुद्ध लाभ 11.5 फीसदी बढ़कर 18,653 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह आंकड़ा बाजार के अनुमानों से कहीं ज्यादा रहा।
बैंक को दिसंबर तिमाही में अपना मुख्य कारोबार यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई। NII में 6.4 फीसदी का इजाफा होकर 32,615 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पहले विश्लेषकों को इसके 32,762 करोड़ रुपये रहने का अनुमान था। इस लिहाज से बैंक ने अनुमानों को पूरा तो नहीं किया, लेकिन मुनाफा बाजार की उम्मीदों से काफी आगे रहा।
एसेट क्वालिटी की बात करें तो इसमें थोड़ी गिरावट देखने को मिली। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग असेट्स (GNPA) 1.24 फीसदी रहा, जो पिछली तिमाही के 1.24 फीसदी पर ही स्थिर था। वहीं नेट एनपीए 0.42 फीसदी रहा। हालांकि, बैंक ने अपने प्रोविजन को घटाया है, जो इस तिमाही में 2,837.9 करोड़ रुपये रहे।
जमा और कर्ज के मामले में बैंक की वृद्धि जारी है। बैंक का कुल एडवांस ग्रोथ 11.9 फीसदी रहा, जो 28.44 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं जमा (Deposit) में 11.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 28.59 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
इस बीच, बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भावेश जावेरी ने रिटायरमेंट का फैसला किया है। उन्होंने अप्रैल 2026 के बाद पद के लिए दोबारा विचार न करने का अनुरोध किया है। बैंक ने एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि वह बैंकिंग के अलावा अन्य क्षेत्रों में अवसर तलाशना चाहते हैं।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि बैंक अब विलय से जुड़ी चुनौतियों से उबर चुका है और अब वृद्धि के नए रास्ते पर चल पड़ा है। शेयर बाजार की बात करें तो पिछले सत्र में HDFC बैंक का शेयर 0.55 फीसदी की तेजी के साथ 930.55 रुपये पर बंद हुआ था।
