वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। इस बजट में कुछ चीजें सस्ती हुई हैं तो कुछ पर महंगाई का असर दिखेगा। आइए जानते हैं कि सरकार ने किन क्षेत्रों को बढ़ावा दिया है और किन पर नए टैक्स का बोझ डाला है।
कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह समाप्त कर दी है। यही नहीं, सात दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए आयात की जाने वाली दवाओं पर भी टैक्स छूट मिली है। इससे इन उपचारों की लागत में कमी आने की संभावना है।
घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने कई कदम उठाए हैं। माइक्रोवेव ओवन के जरूरी पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी घटा दी गई है। समुद्री भोजन के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा क्योंकि ड्यूटी-फ्री इनपुट की सीमा बढ़ाई गई है। चमड़ा और कपड़ा उद्योग से जुड़े निर्यातक भी इस बजट से खुश नजर आ रहे हैं।
ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में काम करने वालों के लिए भी अच्छी खबर है। इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी लिथियम-आयन बैटरी और सोलर पैनल के कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उत्पादन लागत घट सकती है लेकिन यह फायदा ग्राहकों तक पहुंचेगा या नहीं, यह पूरी तरह कंपनियों पर निर्भर करेगा।
विदेश से सामान मंगवाने वालों के लिए भी राहत की बात है। निजी इस्तेमाल के लिए विदेश से आने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 10% कर दी गई है। यानी अब आप सस्ते दामों में इलेक्ट्रॉनिक्स या अन्य गिफ्ट आइटम मंगवा सकते हैं। विदेश यात्रा के पैकेज और पढ़ाई के लिए भेजे जाने वाले पैसों पर टैक्स भी कम हुआ है।
लेकिन कुछ क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए यह बजट महंगा साबित हो सकता है। शेयर बाजार में फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर लगने वाला सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स बढ़ा दिया गया है। कंपनियों के शेयर बायबैक पर भी नए टैक्स नियम लागू होने से प्रमोटरों को ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा। शराब और खनिजों जैसे उत्पादों पर भी टैक्स बढ़ने से इनकी कीमतों में इजाफा हो सकता है।
इस बजट के पीछे सरकार का मकसद साफ दिख रहा है – विनिर्माण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना, साथ ही वित्तीय लेनदेन पर नियंत्रण रखना। चूंकि इस बार किसी भी वर्ग को टैक्स में बड़ी रियायत नहीं मिली है, ऐसे में अर्थव्यवस्था पर इसके व्यापक प्रभावों को समझने के लिए कुछ समय तक इंतजार करना होगा।
